भारत द्वारा अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के सामरिक तेल भंडार जारी करने का आह्वान अस्वीकार 

पाठ्यक्रम: GS2/अंतर्राष्ट्रीय संबंध; GS3/अर्थव्यवस्था

संदर्भ

  • भारत अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की उस पहल में शामिल नहीं होने जा रहा है, जिसके तहत सामरिक तेल भंडार जारी कर तेल की कीमतों को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।

परिचय

  • भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है, जिसके पास 5.33 मिलियन टन भूमिगत सामरिक भंडार है। किंतु वर्तमान में ये केवल 80% तक भरे हुए हैं।
  • पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 120 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गईं, जो विगत चार वर्षों में सबसे अधिक है।
    • जी-7 राष्ट्र बाजारों को स्थिर करने हेतु तेल भंडार जारी करने की संभावना पर चर्चा करने वाले हैं।
  • भारत IEA का पूर्ण सदस्य नहीं है और इस अंतर्राष्ट्रीय संस्था के निर्देशों का पालन करने का कोई दायित्व उस पर नहीं है।

भारत का तेल आयात

  • भारत अपनी लगभग 88% कच्चे तेल की आवश्यकता 41 देशों से आयात करता है।
  • फरवरी माह में इन आपूर्तियों का लगभग आधा हिस्सा होरमुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुज़रा।
    • फरवरी 2026 में भारत ने 2.8 मिलियन बैरल प्रति दिन (bpd) कच्चा तेल प्राप्त किया, जो कुल आयात का 53% था। यह आपूर्ति मुख्यतः इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और क़तर से हुई।
  • 2026 की शुरुआत तक रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहा, जबकि सऊदी अरब और इराक भी प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हैं।

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA)

  • स्थापना: 1974 में।
  • संस्थापक सदस्य: ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, कनाडा, डेनमार्क, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, जापान, लक्ज़मबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्पेन, स्वीडन, स्विट्ज़रलैंड, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका।
  • कारण: इसे उस समय स्थापित किया गया जब प्रमुख तेल-निर्यातक देशों ने तेल आपूर्ति में भारी कटौती की, जिससे औद्योगिक देशों में गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हुआ।
  • अधिदेश: IEA का मूल उद्देश्य तेल आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना और भविष्य में संभावित व्यवधानों का पूर्वानुमान कर समय पर कार्रवाई करना था।
    • इसने तेल आपात स्थितियों से निपटने हेतु एक विस्तृत तंत्र विकसित किया, जिसके अंतर्गत प्रत्येक सदस्य देश को न्यूनतम सामरिक तेल भंडार बनाए रखना अनिवार्य किया गया।
  • सदस्यता: प्रारंभ में केवल OECD देशों के लिए खुली थी। वर्तमान में 33 पूर्ण सदस्य हैं, जिनमें हाल ही में कोलंबिया 33वाँ सदस्य बना है।
  • सहयोगी सदस्य: 2015 में IEA ने गैर-OECD देशों को सहयोगी सदस्य बनने का अवसर दिया।
    • सहयोगी सदस्य नीति चर्चाओं और गतिविधियों में भाग लेते हैं, किंतु निर्णय लेने का अधिकार नहीं रखते।
    • भारत 2017 में सहयोगी सदस्य बना। वर्तमान में कुल 13 सहयोगी सदस्य हैं।

आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD)

  • OECD एक अंतर-सरकारी संगठन है जो आर्थिक विकास, नीति समन्वय और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देता है।
  • उद्देश्य: “बेहतर जीवन के लिए बेहतर नीतियाँ।”
  • स्थापना: 1961 में, यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन (OEEC) के उत्तराधिकारी के रूप में।
  • मुख्यालय: पेरिस, फ्रांस।
  • सदस्यता: 38 सदस्य देश (मुख्यतः विकसित अर्थव्यवस्थाएँ)। भारत इसका सदस्य नहीं है।

Source: BT

 

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